अग्नी ✍️
"अग्नी "
अग्नी ही देवता! प्रकाश समृद्धी!
धन करी रद्धी! संसारात!!
ज्वाळा देता सुख! शांतीत प्रकाश!
लागतेच आस! शरीराला!!
सृष्टी निर्मितीत!पंचतत्व स्थान!
असतं बस्तान! शरीरात!!
उष्ण करी अंग! वाढवत रंग!
ऊर्जा करी संग! जीवनात!!
प्रवाह असता! जीव जीवनात!
उष्णता अंगात! उभा जीव!!
भडकला अग्नी! करतेच भस्म!
सारं करी सुष्म! राखेतचं!!
अग्नी चाले मंद! होतोच आनंद!
गारव्यात छंद! उष्णतेचा!!
प्रदिप अंगात! उष्णता असेल!
तोवर दिसेल! पृथ्वीवर!!©️®️
प्रदीप मनोहर पाटील
गणपूर ता. चोपडा जिल्हा जळगाव
मो. 9922239055.


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