शंकर ✍️

 


"शंकर "


कैलास पर्वत! शंकर पार्वती!

स्वर्गचं धरती! देवाचेच!! 


सर्वांचा तो देव! भोळा महादेव!

सांगतात पाव! भक्त गण!!


ॐ नमः शिवाय! मंत्र जाप करी!

भक्त लिन सारी! देवाचीच!!


देवता राक्षस! सारेच पूजता!

सृष्टी कर्ता धर्ता! महादेव!!


मंदिर सम्शान ! पाझरे पाषाण!

नदी हो निर्माण! जटेतून!!


निल कंठ धारी! दृष्ट तोच मारी!

भक्त गण तारी! भोळा देव!!


शक्ति मुक्ती रूप! भव्य ते स्वरूप!

दाखवी प्रारूप! दिव्य शक्ति!!


शिव शंभु जाणे! भक्त गुण सारे!

वाहतात वारे! देवा मुळं!!


देवाचं वर्णन! करतो प्रदीप!

लावतो तो दिप! नित्य सेवा!!


प्रदीप मनोहर पाटील

गणपूर ता. चोपडा

जिल्हा. जळगाव

मो. 9922239055



Comments

Popular posts from this blog

कथा क्र 02

रक्षाबंधन ✍️

आई - मायेचा सागर

विज्ञान एक वरदान ✍️

कर्तृत्ववान नारी (माँ जिजाऊ) ( क्र 1)✍️

🚩 दिवाळी ✍️

कथा क्र 01

चिऊताई चिऊताई.

आई

चला जाऊया खेड्याकडे